Krishna Janmashtami 2017 in Hindi : 14 और 15 अगस्त को है जन्माष्टमी, लेकिन आप 15 को मनाएं

हर बार की तरह इस बार भी Krishna Janmashtami 14 और 15 अगस्त को है, ऐसे में लोगों के मन में संशय बना हुआ है कि वे व्रत किस दिन रखें। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरबिंद मिश्र के मुताबिक वैसे तो भगवान सिर्फ भाव के भूखे होते हैं इसलिए श्रद्धानुसार आप किसी भी दिन व्रत रखकर

मना सकते हैं, लेकिन यदि आप हिंदू पंचांग के अनुसार चलना चाहते हैं तो 15 अगस्त को मनाना ज्यादा बेहतर होगा।
दरअसल 15 अगस्त की Krishna Janmashtami उदया तिथि में होने के कारण शास्त्रों के अनुरूप है क्योंकि शास्त्रों में उदया तिथि को विशेष महत्व दिया गया है। हिंदू पंचांग भी इसी के अनुरूप बनाए जाते हैं। वैसे अष्टमी तिथि 14 अगस्त को शाम 7.46 बजे अष्टमी शुरू होगी और दूसरे दिन शाम 5.40 बजे तक रहेगी। ऐसे में लोगों के दिमाग में है कि भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि में ही कराया जाए तो बेहतर है क्योंकि 15 को 5.40 बजे के बाद नवमी तिथि लग जाएगी। ऐसे में कोई भ्रम न रखें क्योंकि नवमी तिथि होने के बावजूद अष्टमी तिथि का देर रात तक असर रहेगा।

दरअसल 15 अगस्त की Krishna Janmashtami उदया तिथि में होने के कारण शास्त्रों के अनुरूप है क्योंकि शास्त्रों में उदया तिथि को विशेष महत्व दिया गया है। हिंदू पंचांग भी इसी के अनुरूप बनाए जाते हैं। वैसे अष्टमी तिथि 14 अगस्त को शाम 7.46 बजे अष्टमी शुरू होगी और दूसरे दिन शाम 5.40 बजे तक रहेगी। ऐसे में लोगों के दिमाग में है कि भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि में ही कराया जाए तो बेहतर है क्योंकि 15 को 5.40 बजे के बाद नवमी तिथि लग जाएगी। ऐसे में कोई भ्रम न रखें क्योंकि नवमी तिथि होने के बावजूद अष्टमी तिथि का देर रात तक असर रहेगा।
दरअसल 15 अगस्त की Krishna Janmashtami उदया तिथि में होने के कारण शास्त्रों के अनुरूप है क्योंकि शास्त्रों में उदया तिथि को विशेष महत्व दिया गया है। हिंदू पंचांग भी इसी के अनुरूप बनाए जाते हैं। वैसे अष्टमी तिथि 14 अगस्त को शाम 7.46 बजे अष्टमी शुरू होगी और दूसरे दिन शाम 5.40 बजे तक रहेगी। ऐसे में लोगों के दिमाग में है कि भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि में ही कराया जाए तो बेहतर है क्योंकि 15 को 5.40 बजे के बाद नवमी तिथि लग जाएगी। ऐसे में कोई भ्रम न रखें क्योंकि नवमी तिथि होने के बावजूद अष्टमी तिथि का देर रात तक असर रहेगा।

krishna janmashtami 2017 in Hindi-जन्माष्टमी से एक दिन पहले होती है कन्हैया की छठी

Shri Krishna का जन्म भले ही मथुरा में हुआ था लेकिन उनके जन्मोत्सव यानी Krishna Janmashtami को सिर्फ मथुरा में ही नहीं बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में भी धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन आप में से शायद कुछ ही लोगों को पता हो कि Shri Krishna भगवान के जन्मोत्सव से एक दिन पहले यानी सप्तमी के दिन कान्हा की छठी का आयोजन किया जाता है। हर वर्ष मथुरा में भगवान कृष्ण की छठी के लिए खासी तैयारी की जाती है। आइए हम आपको बताते हैं कि सप्तमी के दिन क्यों मनाई जाती है कान्हा की छठी।

कृष्ण भगवान के मामा कंस ने जब उन्हें मारने के लिए पूतना को भेजा तो माता यशोदा कान्हा को पूतना की गोद में देख इतना डर गईं कि उस दिन उनकी छठी करना भूल गईं। जब Shri Krishna
का पहला जन्मदिन आया तो यशोदा मैया ने सबको घर आने का बुलावा भेजा। तब उनकी एक सहेली ने कहा कि कृष्ण की छठी तो हुई नहीं हम उसके जन्म दिन पर कैसे आएं। उसके बाद माता यशोदा ने Shri Krishna

के जन्मदिन से एक दिन पहले सप्तमी के दिन उनकी छठी का आयोजन किया। तब से मथुरा में हर वर्ष सप्तमी के दिन

की छठी मनाई जाती है। |Krishna janmashtami

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